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Garibi Shayari In Hindi 2021|| गरीबी पर शायरी

Garibi Shayari In Hindi 2021 : दोस्तों आज मैं लेकर आया हूं आप लोगों के लिए गरीबी पर शायरी स्टेटस इन हिंदी जो कि आप लोगों को काफी पसंद आएगी।


क्योंकि दोस्तों जो गरीब लोग होते हैं वह कोई भी काम करने के लिए तैयार हो जाते हैं या फिर आज अपनी गरीबी और लाचारी की वजह से वह भूखे भी मरते हैं और भूख को मिटाने के लिए वह किसी भी काम को करने के लिए एकदम हाजिर हो जाते हैं।



Garibi Shayari In Hindi 2021, गरीबी पर शायरी
Garibi Shayari In Hindi 2021


तो इनके ऊपर बनी कुछ दिल को छू जाने वाली शायरी स्टेटस लाइने जो आप लोगों को काफी पसंद आएगी।


किसी गरीब का मजाक ना उड़ाए क्योंकि गरीब गरीब होता है, Main Gareeb Hoon Shayari आप चाहो तो गरीब की मदद कर सकते हो कोई भी गरीब इंसान भूखा नहीं मानना चाहिए गरीब को देखकर आप लोगों को मदद करनी चाहिए।


गरीब की कोई भी बच्चा गरीब हो तो उसको पढ़ाने और शिक्षित करने की कोशिश करना चाहिए उसको काम वह छोटी सी उम्र में काम कर रहा हो तो उसे पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।


उस तरह की शायरियां टेक्स्ट एसएमएस आदि यहां आप लोगों को मिल जाएंगे तो आप इसे जरूर शेयर करिए।


Garibi Shayari In Hindi 2021

Garibi Shayari In Hindi 2021, गरीबों की औकात ना पूछो तो अच्छा है, इनकी कोई जात ना पूछो तो अच्छा है। चेहरे कई बेनकाब हो जायेंगे , ऐसी कोई बात ना पूछो तो अच्छा है।


गरीबों की औकात ना पूछो तो अच्छा है,
इनकी कोई जात ना पूछो तो अच्छा है।
चेहरे कई बेनकाब हो जायेंगे ,
ऐसी कोई बात ना पूछो तो अच्छा है।


Gareebon Kee Aukaat Na Poochho To Achchha Hai, 

Inakee Koee Jaat Na Poochho To Achchha Hai. 

Chehare Kaee Benakaab Ho Jaayenge , 

Aisee Koee Baat Na Poochho To Achchha Hai.



Garibi Shayari In Hindi 2021, मरहम लगा सको तो किसी गरीब के जख्मों पर लगा देना , हकीम बहुत हैं बाजार में अमीरों के इलाज खातिर।



मरहम लगा सको तो किसी गरीब के जख्मों पर लगा देना ,
हकीम बहुत हैं बाजार में अमीरों के इलाज खातिर।


Maraham Laga Sako To Kisee Gareeb Ke Jakhmon Par Laga Dena , 

Hakeem Bahut Hain Baajaar Mein Ameeron Ke Ilaaj Khaatir.



Garibi Shayari In Hindi 2021, गरीब नहीं जानता क्या है मज़हब उसका , जो बुझाए पेट की आग वही है रब उसका।



गरीब नहीं जानता क्या है मज़हब उसका ,
जो बुझाए पेट की आग वही है रब उसका।

Gareeb Nahin Jaanata Kya Hai Mazahab Usaka , 

Jo Bujhae Pet Kee Aag Vahee Hai Rab Usaka.




Garibi Shayari In Hindi 2021, अजीब मिठास है मुझ गरीब के खून में भी, जिसे भी मौका मिलता है वो पीता जरुर है।



अजीब मिठास है मुझ गरीब के खून में भी,
जिसे भी मौका मिलता है वो पीता जरुर है।

Ajeeb Mithaas Hai Mujh Gareeb Ke Khoon Mein Bhee, 

Jise Bhee Mauka Milata Hai Vo Peeta Jarur Hai.



Garibi Shayari In Hindi 2021, भूख ने निचोड़ कर रख दिया है जिन्हें , उनके तो हालात ना पूछो तो अच्छा है। मज़बूरी में जिनकी लाज लगी दांव पर , क्या लाई सौगात ना पूछो तो अच्छा है।



भूख ने निचोड़ कर रख दिया है जिन्हें ,
उनके तो हालात ना पूछो तो अच्छा है।
मज़बूरी में जिनकी लाज लगी दांव पर ,
क्या लाई सौगात ना पूछो तो अच्छा है।


Bhookh Ne Nichod Kar Rakh Diya Hai Jinhen , 

Unake To Haalaat Na Poochho To Achchha Hai. 

Mazabooree Mein Jinakee Laaj Lagee Daanv Par , 

Kya Laee Saugaat Na Poochho To Achchha Hai.


Garibi Shayari In Hindi 2021, घर में चूल्हा जल सके इसलिए कड़ी धूप में जलते देखा है ,  हाँ मैंने गरीब की सांस को गुब्बारों में बिकते देखा है।


घर में चूल्हा जल सके इसलिए कड़ी धूप में जलते देखा है ,

हाँ मैंने गरीब की सांस को गुब्बारों में बिकते देखा है। 


Ghar Mein Choolha Jal Sake Isalie Kadee Dhoop Mein Jalate Dekha Hai , 

Haan Mainne Gareeb Kee Saans Ko Gubbaaron Mein Bikate Dekha Hai.


Garib Shayari In Hindi With Images 2021


Garib Shayari In Hindi With Images 2021, गरीब लहरों पे पहरे बैठाय जाते हैं , समंदर की तलाशी कोई नही लेता।
Garib Shayari In Hindi With Images 2021



गरीब लहरों पे पहरे बैठाय जाते हैं ,
समंदर की तलाशी कोई नही लेता।


Gareeb Laharon Pe Pahare Baithaay Jaate Hain , 

Samandar Kee Talaashee Koee Nahee Leta.



Garib Shayari In Hindi With Images 2021, खिलौना समझ कर खेलते जो रिश्तों से , उनके निजी जज्बात ना पूछो तो अच्छा है। बाढ़ के पानी में बह गए छप्पर जिनके , कैसे गुजारी रात ना पूछो तो अच्छा है।



खिलौना समझ कर खेलते जो रिश्तों से ,
उनके निजी जज्बात ना पूछो तो अच्छा है।
बाढ़ के पानी में बह गए छप्पर जिनके ,
कैसे गुजारी रात ना पूछो तो अच्छा है।


Khilauna Samajh Kar Khelate Jo Rishton Se , 

Unake Nijee Jajbaat Na Poochho To Achchha Hai. 

Baadh Ke Paanee Mein Bah Gae Chhappar Jinake , 

Kaise Gujaaree Raat Na Poochho To Achchha Hai.



Garib Shayari In Hindi With Images 2021, ऐ सियासत... तूने भी इस दौर में कमाल कर दिया, गरीबों को गरीब अमीरों को माला-माल कर दिया।



ऐ सियासत... तूने भी इस दौर में कमाल कर दिया,
गरीबों को गरीब अमीरों को माला-माल कर दिया।


Ai Siyaasat... Toone Bhee Is Daur Mein Kamaal Kar Diya, 

Gareebon Ko Gareeb Ameeron Ko Maala-maal Kar Diya.



Garib Shayari In Hindi With Images 2021, जब भी देखता हूँ किसी गरीब को हँसते हुए, यकीनन खुशिओं का ताल्लुक दौलत से नहीं होता।



जब भी देखता हूँ किसी गरीब को हँसते हुए,
यकीनन खुशिओं का ताल्लुक दौलत से नहीं होता।


Jab Bhee Dekhata Hoon Kisee Gareeb Ko Hansate Hue, 

Yakeenan Khushion Ka Taalluk Daulat Se Nahin Hota.



Garib Shayari In Hindi With Images 2021, तहजीब की मिसाल गरीबों के घर पे है, दुपट्टा फटा हुआ है मगर उनके सर पे है।



तहजीब की मिसाल गरीबों के घर पे है,
दुपट्टा फटा हुआ है मगर उनके सर पे है।


Tahajeeb Kee Misaal Gareebon Ke Ghar Pe Hai, 

Dupatta Phata Hua Hai Magar Unake Sar Pe Hai.



Garib Shayari In Hindi With Images 2021, कैसे बनेगा अमीर वो हिसाब का कच्चा भिखारी, एक सिक्के के बदले जो बीस किमती दुआ देता हैं।



कैसे बनेगा अमीर वो हिसाब का कच्चा भिखारी,
एक सिक्के के बदले जो बीस किमती दुआ देता हैं।


Kaise Banega Ameer Vo Hisaab Ka Kachcha Bhikhaaree, 

Ek Sikke Ke Badale Jo Bees Kimatee Dua Deta Hain.


Garib Status Photos In Hindi 2021


Garib Status Photos In Hindi 2021, कही बेहतर है तेरी अमीरी से मुफसिली मेरी। चंद सिक्के के ख़ातिर तू ने क्या नहीं खोया हैं। माना नहीं है मखमल का बिछौना मेरे पास। पर तू ये बता कितनी राते चैन से सोया है।
Garib Status Photos In Hindi 2021



कही बेहतर है तेरी अमीरी से मुफसिली मेरी।
चंद सिक्के के ख़ातिर तू ने क्या नहीं खोया हैं।
माना नहीं है मखमल का बिछौना मेरे पास।
पर तू ये बता कितनी राते चैन से सोया है।

Kahee Behatar Hai Teree Ameeree Se Muphasilee Meree. 

Chand Sikke Ke Khaatir Too Ne Kya Nahin Khoya Hain. 

Maana Nahin Hai Makhamal Ka Bichhauna Mere Paas. 

Par Too Ye Bata Kitanee Raate Chain Se Soya Hai.



Garib Status Photos In Hindi 2021, उन घरो में जहाँ मिट्टी कि घड़े रखते हैं। कद में छोटे मगर लोग बड़े रखते हैं।



उन घरो में जहाँ मिट्टी कि घड़े रखते हैं।
कद में छोटे मगर लोग बड़े रखते हैं।


Un Gharo Mein Jahaan Mittee Ki Ghade Rakhate Hain. 

Kad Mein Chhote Magar Log Bade Rakhate Hain.



Garib Status Photos In Hindi 2021, ये गंदगी तो महल वालों ने फैलाई है साहब, वरना गरीब तो सड़कों से थैलीयाँ तक उठा लेते हैं।



ये गंदगी तो महल वालों ने फैलाई है साहब,
वरना गरीब तो सड़कों से थैलीयाँ तक उठा लेते हैं।


Ye Gandagee To Mahal Vaalon Ne Phailaee Hai Saahab, 

Varana Gareeb To Sadakon Se Thaileeyaan Tak Utha Lete Hain.



ना जाने मेरा मज़हब क्या है ।
ना हिंदू हु ना मुसलमान
लोग मुझे गरीब कहते हैं

Na Jaane Mera Mazhab kya He.
Naa Hindu Hu Naa Muslim
Log Mujhe Gareeb Kahte
he...


Garib Status Photos In Hindi 2021, वो जिनके हाथ में हर वक्त छाले रहते हैं, आबाद उन्हीं के दम पर महल वाले रहते हैं।



वो जिनके हाथ में हर वक्त छाले रहते हैं,
आबाद उन्हीं के दम पर महल वाले रहते हैं।


Vo Jinake Haath Mein Har Vakt Chhaale Rahate Hain, 

Aabaad Unheen Ke Dam Par Mahal Vaale Rahate Hain.



Garib Status Photos In Hindi 2021, ड़ोली चाहे अमीर के घर से उठे चाहे गरीब के, चौखट एक बाप की ही सूनी होती है।



ड़ोली चाहे अमीर के घर से उठे चाहे गरीब के,
चौखट एक बाप की ही सूनी होती है।

Dolee Chaahe Ameer Ke Ghar Se Uthe Chaahe Gareeb Ke, 

Chaukhat Ek Baap Kee Hee Soonee Hotee Hai.


Garibi Shayari Image Download


Garibi Shayari Image Download, घटाएं आ चुकी हैं आसमां पे…   और दिन सुहाने हैं।   मेरी मजबूरी तो देखो मुझे बारिश में भी काग़ज़ कमाने हैं।


घटाएं आ चुकी हैं आसमां पे… 

और दिन सुहाने हैं। 

मेरी मजबूरी तो देखो मुझे बारिश में भी काग़ज़ कमाने हैं।


Ghataen Aa Chukee Hain Aasamaan Pe… 

Aur Din Suhaane Hain. 

Meree Majabooree To Dekho Mujhe Baarish Mein Bhee Kaagaz Kamaane Hain.



Garibi Shayari Image Download, वो रोज रोज नहीं जलता साहब ,  मंदिर का दिया थोड़े ही है गरीब का चूल्हा है।

वो रोज रोज नहीं जलता साहब ,

मंदिर का दिया थोड़े ही है गरीब का चूल्हा है। 


Vo Roj Roj Nahin Jalata Saahab , 

Mandir Ka Diya Thode Hee Hai Gareeb Ka Choolha Hai.



Garibi Shayari Image Download, कभी आँसू तो कभी खुशी बेचीं ,  हम गरीबों ने बेकसी बेची।   चंद सांसे खरीदने के लिए ,  रोज़ थोड़ी सी जिंदगी बेचीं।



कभी आँसू तो कभी खुशी बेचीं ,

हम गरीबों ने बेकसी बेची। 

चंद सांसे खरीदने के लिए ,

रोज़ थोड़ी सी जिंदगी बेचीं। 


Kabhee Aansoo To Kabhee Khushee Becheen , 

Ham Gareebon Ne Bekasee Bechee. 

Chand Saanse Khareedane Ke Lie , 

Roz Thodee See Jindagee Becheen.



Garibi Shayari Image Download, दोपहर तक बिक गया बाजार का हर एक झूठ ,  और एक गरीब सच लेकर शाम तक बैठा ही रहा।



दोपहर तक बिक गया बाजार का हर एक झूठ ,

और एक गरीब सच लेकर शाम तक बैठा ही रहा। 


Dopahar Tak Bik Gaya Baajaar Ka Har Ek Jhooth , 

Aur Ek Gareeb Sach Lekar Shaam Tak Baitha Hee Raha.




गरीबी बन गई तश्हीर का सबब “आमिर” ,

जिसे भी देखो हमारी मिसाल देता है। 

जब भी मुझे जियारत करनी होती है ,

मै गरीब लोगो में बैठ आता हूं।


Gareebee Ban Gaee Tashheer Ka Sabab “aamir” , 

Jise Bhee Dekho Hamaaree Misaal Deta Hai. 

Jab Bhee Mujhe Jiyaarat Karanee Hotee Hai , 

Mai Gareeb Logo Mein Baith Aata Hoon.



जनाजा बहुत भारी था उस गरीब का,

शायद सारे अरमान साथ लिए जा रहा था।


Janaaja Bahut Bhaaree Tha Us Gareeb Ka, 

Shaayad Saare Aramaan Saath Lie Ja Raha Tha.


गरीबी पर शायरी


यहाँ गरीब को मरने की इसलिए भी जल्दी है साहब,

कहीं जिन्दगी की कशमकश में कफ़न महँगा ना हो जाए।


Yahaan Gareeb Ko Marane Kee Isalie Bhee Jaldee Hai Saahab, 

Kaheen Jindagee Kee Kashamakash Mein Kafan Mahanga Na Ho Jae.



सहम उठते हैं कच्चे मकान पानी के खौफ से।

महलोंं कि आरजू ये हैं कि बरसात तेज हो।


Saham Uthate Hain Kachche Makaan Paanee Ke Khauph Se. 

Mahalonn Ki Aarajoo Ye Hain Ki Barasaat Tej Ho.



कैसे मुहब्बत करु बहुत गरीब हूँ साहब।

लोग बिकते हैं और मैं खरीद नहीं पाता।


Kaise Muhabbat Karu Bahut Gareeb Hoon Saahab. 

Log Bikate Hain Aur Main Khareed Nahin Paata.



चेहरा बता रहा था कि मारा हैं भूख ने।

सक कर रहे थे के कुछ खा के मर गया।


Chehara Bata Raha Tha Ki Maara Hain Bhookh Ne. 

Sak Kar Rahe The Ke Kuchh Kha Ke Mar Gaya.



जो गरीबी में एक दिया भी न जला सका।

एक अमीर का पटाखा उसका घर जला गया।


Jo Gareebee Mein Ek Diya Bhee Na Jala Saka. 

Ek Ameer Ka Pataakha Usaka Ghar Jala Gaya.



गरीबों के बच्चे भी खाना खा सके त्योहारों में।

तभी तो भगवान खुद बिक जाते हैं बजारो में।


Gareebon Ke Bachche Bhee Khaana Kha Sake Tyohaaron Mein. 

Tabhee To Bhagavaan Khud Bik Jaate Hain Bajaaro Mein।


Poor Shayari Status Image Download Hindi


अमीर की बेटी पार्लर में जितना दे आती है ,

उतने में गरीब की बेटी अपने ससुराल चली जाती है। 


Ameer Kee Betee Paarlar Mein Jitana De Aatee Hai , 

Utane Mein Gareeb Kee Betee Apane Sasuraal Chalee Jaatee Hai.



अमीरी का हिसाब तो दिल देख के कीजिये साहब ,

वरना गरीबी तो कपड़ो से ही झलक जाती है। 


Ameeree Ka Hisaab To Dil Dekh Ke Keejiye Saahab , 

Varana Gareebee To Kapado Se Hee Jhalak Jaatee Hai.



भटकती है हवस दिन-रात सोने की दुकानों पर ,

गरीबी कान छिदवाती है तिनके डाल देती है। 


Bhatakatee Hai Havas Din-raat Sone Kee Dukaanon Par , 

Gareebee Kaan Chhidavaatee Hai Tinake Daal Detee Hai.


Gareeb Quotes In Hindi


रजाई की रुत गरीबी के आँगन में दस्तक देती है ,

जेब गरम रखने वाले ठण्ड से नहीं मरते। 


Rajaee Kee Rut Gareebee Ke Aangan Mein Dastak Detee Hai , 

Jeb Garam Rakhane Vaale Thand Se Nahin Marate.



पेट की भूख ने जिंदगी के ,

हर एक रंग दिखा दिए। 

जो अपना बोझ उठा ना पाये ,

पेट की भूख ने पत्थर उठवा दिए। 


Pet Kee Bhookh Ne Jindagee Ke , 

Har Ek Rang Dikha Die. 

Jo Apana Bojh Utha Na Paaye , 

Pet Kee Bhookh Ne Patthar Uthava Die.



सुला दिया माँ ने भूखे बच्चे को ये कहकर ,

परियां आएंगी सपनों में रोटियां लेकर। 


Sula Diya Maan Ne Bhookhe Bachche Ko Ye Kahakar , 

Pariyaan Aaengee Sapanon Mein Rotiyaan Lekar.


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एै मौत ज़रा पहले आना गरीब के घर ,

कफ़न का खर्च दवाओं में निकल जाता है। 


Eai Maut Zara Pahale Aana Gareeb Ke Ghar , 

Kafan Ka Kharch Davaon Mein Nikal Jaata Hai.


छीन लेता हैं हर चीज़ मुझसे ये खुदा।

क्या तू मुझसे भी ज्यादा गरीब हैं।


Chheen Leta Hain Har Cheez Mujhase Ye Khuda. 

Kya Too Mujhase Bhee Jyaada Gareeb Hain.


गरीब दोस्त की शायरी


हजारों दोस्त बन जाते है, जब पैसा पास होता है,

टूट जाता है गरीबी में, जो रिश्ता ख़ास होता है।


Hajaaron Dost Ban Jaate Hai, 

Jab Paisa Paas Hota Hai, 

Toot Jaata Hai Gareebee Mein, 

Jo Rishta Khaas Hota Hai.



रोज शाम मैदान में बैठ ये कहते हुए एक बच्चा रोता था।

हम गरीब है इसलिए हम गरीब का कोई दोस्त नहीं होता।


Roj Shaam Maidaan Mein Baith Ye Kahate Hue Ek Bachcha Rota Tha. 

Ham Gareeb Hai Isalie Ham Gareeb Ka Koee Dost Nahin Hota.


वो जिसकी रोशनी कच्चे घरों तक भी पहुँचती है,

न वो सूरज निकलता है, न अपने दिन बदलते हैं।


Vo Jisakee Roshanee Kachche Gharon Tak Bhee Pahunchatee Hai, 

Na Vo Sooraj Nikalata Hai, Na Apane Din Badalate Hain.



शाम को थक कर टूटे झोपड़ी में सो जाता हैं।

वो मजदूर जो शहर में ऊंची इमारतें बनाता हैं।


Shaam Ko Thak Kar Toote Jhopadee Mein So Jaata Hain. 

Vo Majadoor Jo Shahar Mein Oonchee Imaaraten Banaata Hain.



अपने मेहमान को पलको पे बिठा लेती हैं।

गरीबी जानती हैं घर में बिछौने कम हैं।


Apane Mehamaan Ko Palako Pe Bitha Letee Hain. 

Gareebee Jaanatee Hain Ghar Mein Bichhaune Kam Hain.



गरीबी पर अनमोल वचन


बहुत जल्दी सिख लेता हूँ ज़िन्दगी का सबक।

गरीब बच्चा हूँ बात बात पर जिद्द नहीं करता।


Bahut Jaldee Sikh Leta Hoon Zindagee Ka Sabak. 

Gareeb Bachcha Hoon Baat Baat Par Jidd Nahin Karata.



हमने कुछ ऐसे भी गरीब देखे हैं ,

जिनके पास पैसों के अलावा कुछ भी नहीं। 


Hamane Kuchh Aise Bhee Gareeb Dekhe Hain , 

Jinake Paas Paison Ke Alaava Kuchh Bhee Nahin।



कमी लिबास की तन पर अजीब लगती है,

अमीर बाप की बेटी गरीब लगती है। 


Kamee Libaas Kee Tan Par Ajeeb Lagatee Hai, 

Ameer Baap Kee Betee Gareeb Lagatee Hai.



क्या किस्मत पाई है रोटीयो ने भी निवाला बनकर,

रहिसो ने आधी फेंक दी,

गरीब ने आधी में जिंदगी गुज़ार दी। 


Kya Kismat Paee Hai Roteeyo Ne Bhee Nivaala Banakar, 

Rahiso Ne Aadhee Phenk Dee, 

Gareeb Ne Aadhee Mein Jindagee Guzaar Dee.



मैं कड़ी धूप में जलता हूँ इस यकीन के साथ।

मैं जलुँगा तो मेरे घर में उजाले होगे।


Main Kadee Dhoop Mein Jalata Hoon Is Yakeen Ke Saath. 

Main Jalunga To Mere Ghar Mein Ujaale Hoge.


गरीबी पर दोहे


जरा सी आहट पर जाग जाता है वो रातो को।

ऐ खुदा गरीब को बेटी दे तो दरवाजा भी दे।


Jara See Aahat Par Jaag Jaata Hai Vo Raato Ko. 

Ai Khuda Gareeb Ko Betee De To Daravaaja Bhee De.



मजबूरीयाँ हावी हो जाएये जरुरी तो नहीं।

थोड़े बहुत शैख तो गरीब भी रखती हैं।


Majabooreeyaan Haavee Ho Jaeye Jaruree To Nahin. 

Thode Bahut Shaikh To Gareeb Bhee Rakhatee Hain.



सुनो हम तो गरीब ही थे लेकिन।

तुम्हें क्या कमी थी जो हमारा दिल ले गयी।


Suno Ham To Gareeb Hee The Lekin. 

Tumhen Kya Kamee Thee Jo Hamaara Dil Le Gayee.



यहा गरीब को मरने की जल्दी यूँ भी हैं।

के कही कफन महंगा ना हो जाए।


Yaha Gareeb Ko Marane Kee Jaldee Yoon Bhee Hain. 

Ke Kahee Kaphan Mahanga Na Ho Jae.



मैं गरीब का बच्चा था इसलिए भूखा रह गया।

पेट भर गया वो कुत्ता जो अमीर के घर का था।


Main Gareeb Ka Bachcha Tha Isalie Bhookha Rah Gaya. 

Pet Bhar Gaya Vo Kutta Jo Ameer Ke Ghar Ka Tha.



बस एक बात का मतलब आज तक समझ नहीं आया।

जो गरीब के हक के लिए लड़ते हैं वो अमिर कैसे बन जाते हैं। 


Bas Ek Baat Ka Matalab Aaj Tak Samajh Nahin Aaya. 

Jo Gareeb Ke Hak Ke Lie Ladate Hain Vo Amir Kaise Ban Jaate Hain.


अमीर और गरीब पर शायरी


खुदा के दिल को भी सुकून आता होगा।

जब कोई गरीब चेहरा मुस्कुराता होगा।


Khuda Ke Dil Ko Bhee Sukoon Aata Hoga. 

Jab Koee Gareeb Chehara Muskuraata Hoga.



यूँ गरीब कह कर खुद की तौहीन ना कर ऐ बंदे।

गरीब तो वो लोग हैं जिनके पास ईमान नहीं है।


Yoon Gareeb Kah Kar Khud Kee Tauheen Na Kar Ai Bande. 

Gareeb To Vo Log Hain Jinake Paas Eemaan Nahin Hai.



कभी कपड़े के तन पर अजीब लगती हैं।

अमीर बाप की बेटी गरीब लगती हैं।


Kabhee Kapade Ke Tan Par Ajeeb Lagatee Hain. 

Ameer Baap Kee Betee Gareeb Lagatee Hain.



किस्मत को खराब बोलने वालो ।

कभी किसी गरीब के पास बैठ के पुछना जिंदगी क्या हैं।


Kismat Ko Kharaab Bolane Vaalo . 

Kabhee Kisee Gareeb Ke Paas Baith Ke Puchhana Jindagee Kya Hain.



गरीब भूख से मरे तो अमीर आहो से मर जाए।

इनसे जो बच गए वो झूठे रिवाजो से मर जाए।


Gareeb Bhookh Se Mare To Ameer Aaho Se Mar Jae. 

Inase Jo Bach Gae Vo Jhoothe Rivaajo Se Mar Jae.


गरीब बच्चों पर शायरी


अमीर के छत पे बैठा कव्वा भी मोर लगता हैं।

गरीब का भुखा बच्चा भी चोर लगता हैं।


Ameer Ke Chhat Pe Baitha Kavva Bhee Mor Lagata Hain. 

Gareeb Ka Bhukha Bachcha Bhee Chor Lagata Hain.



छुपाता था वो गरीब अपने भूख को गुरबत में।

अब वो भी फकर से कहेगा मेरा रोजा हैं।


Chhupaata Tha Vo Gareeb Apane Bhookh Ko Gurabat Mein. 

Ab Vo Bhee Phakar Se Kahega Mera Roja Hain.



यू न झाँका करो किसी गरीब के दिल में।

के वहा हसरतें वेलिबास रहा करती है।


Yoo Na Jhaanka Karo Kisee Gareeb Ke Dil Mein. 

Ke Vaha Hasaraten Velibaas Raha Karatee Hai.



अ़शक उनकी आँखों के करीब होते हैं।

रिश्ते दर्द के जिसको होते हैं।

दौलत अपने दिल की लुटा दी है जिसने।

कोई कहते हैं कि वो गरीब होते हैं।


Ashak Unakee Aankhon Ke Kareeb Hote Hain. 

Rishte Dard Ke Jisako Hote Hain. 

Daulat Apane Dil Kee Luta Dee Hai Jisane. 

Koee Kahate Hain Ki Vo Gareeb Hote Hain.



दौलत है फिर भी अमीर नहीं लगते हो,

क्योंकि आप गरीबों-सी सोच रखते हो.


Daulat Hai Phir Bhee Ameer Nahin Lagate Ho, 

Kyonki Aap Gareebon-see Soch Rakhate Ho.



सर्दी, गर्मी, बरसात और तूफ़ान मैं झेलता हूँ,

गरीब हूँ… खुश होकर जिंदगी का हर खेल खेलता हूँ। 


Sardee, Garmee, Barasaat Aur Toofaan Main Jhelata Hoon, 

Gareeb Hoon… Khush Hokar Jindagee Ka Har Khel Khelata Hoon.


गरीबी और भुखमरी पर शायरी


तुम रूठ गये थे जिस उम्र में खिलौना न पाकर,

वो ऊब गया था उस उम्र में पैसा कमा-कमा कर। 


Tum Rooth Gaye The Jis Umr Mein Khilauna Na Paakar, 

Vo Oob Gaya Tha Us Umr Mein Paisa Kama-kama Kar.



छीन लेता है हर चीज़ मुझसे ऐ खुदा ,

क्या तू मुझसे भी ज्यादा गरीब है। 


Chheen Leta Hai Har Cheez Mujhase Ai Khuda , 

Kya Too Mujhase Bhee Jyaada Gareeb Hai.



हे ईश्वर तुमने जिन्दगी इतनी जटिल क्यु बनाई, 

कि गरीब दो वक्त के रोती के लिए तरस रहे हैं.......!! 


He Eeshvar Tumane Jindagee Itanee Jatil Kyu Banaee, 

Ki Gareeb Do Vakt Ke Rotee Ke Lie Taras Rahe Hain.......!!



कभी आंसू कभी ख़ुशी बेची, हम गरीबों ने दुःख बेची,

चंद भर सांसे खरीदने के लिए रोज थोड़ी-थोड़ी सी जिन्दगी बेची.......!! 



Kabhee Aansoo Kabhee Khushee Bechee, 

Ham Gareebon Ne Duhkh Bechee, 

Chand Bhar Saanse Khareedane Ke Lie 

Roj Thodee-thodee See Jindagee Bechee.......!!



तुम रोज TV 📺 पर नेताओं के ताओ देखते हो,

हम गरीब हैं बाजार में बढ़े सब्जियों के भाव देखता हूँ.....!!


Tum Roj Tv 📺 Par Netaon Ke Tao Dekhate Ho, 

Ham Gareeb Hain Baajaar Mein Badhe Sabjiyon Ke Bhaav Dekhata Hoon.....!!



अमीरों के शहर में ही गरीबी दिखती है,

छोड़ दो ऐसा शहर जहाँ हवा बिकती है। 


Ameeron Ke Shahar Mein Hee Gareebee Dikhatee Hai, 

Chhod Do Aisa Shahar Jahaan Hava Bikatee Hai.


भूख से मौत पर शायरी


जिन बच्चों के सिर से माँ-बाप का साया हट जाता है,

उन्हें ऐसे हालात में देखकर कलेजा मेरा फट जाता है। 


Jin Bachchon Ke Sir Se Maan-baap Ka Saaya Hat Jaata Hai, 

Unhen Aise Haalaat Mein Dekhakar Kaleja Mera Phat Jaata Hai.



गरीबी का एहसास जब दिल में उतर जाता है,

गरीब का बच्चा जिद करना भी भूल जाता है। 


Gareebee Ka Ehasaas Jab Dil Mein Utar Jaata Hai, 

Gareeb Ka Bachcha Jid Karana Bhee Bhool Jaata Hai.



जिन अखबारों को रद्दी समझकर फेक देते है,

कुछ बदनसीब नींद के लिए बिछौना बना लेते है। 



Jin Akhabaaron Ko Raddee Samajhakar Phek Dete Hai, 

Kuchh Badanaseeb Neend Ke Lie Bichhauna Bana Lete Hai.



यूँ गरीब कहकर खुद की तौहीन ना कर ए बदें ,

गरीब तो वो लोग है जिनके पास ईमान नही। 


Yoon Gareeb Kahakar Khud Kee Tauheen Na Kar E Baden , 

Gareeb To Vo Log Hai Jinake Paas Eemaan Nahee.



भूख से बिलखते हुए वो फिर नहीं सोया ,

एक और रात भारी पड़ी गरीबी पर। 


Bhookh Se Bilakhate Hue Vo Phir Nahin Soya , 

Ek Aur Raat Bhaaree Padee Gareebee Par.



अमीर लोग तो साहब सपने देखे है raat को,

हम गरीब तो अपने बच्चों के भूखे चेहरे देखते हैं.......!!


Ameer Log To Saahab Sapane Dekhe Hai Raat Ko, 

Ham Gareeb To Apane Bachchon Ke Bhookhe Chehare Dekhate Hain.......!!


बेबस जिंदगी शायरी


दिन ईद के जब क़रीब देखे, 

मैंने अक्सर उदास ग़रीब देखे.......!! 


Din Eed Ke Jab Qareeb Dekhe, 

Mainne Aksar Udaas Gareeb Dekhe.......!!



इस कम्बख़्त मौत ने सारा फासला ही मिटा दिया,

एक अमीर को लाकर गरीब के पास ही लिटा दिया.........!!



Is Kambakht Maut Ne Saara Phaasala Hee Mita Diya, 

Ek Ameer Ko Laakar Gareeb Ke Paas Hee Lita Diya.........!!



अमीरी मोहब्बत को इज्जत नही देती है,

कभी गरीबों से इश्क़ करके जरूर देखना..........!! 


Ameeree Mohabbat Ko Ijjat Nahin Detee Hai, 

Kabhee Gareebon Se Ishq Karake Jaroor Dekhana..........!!



अब मैं हर मौसम में खुद को ढाल लेता हूँ,

छोटू हूँ… पर अब मैं बड़ो का पेट पाल लेता हूँ। 


Ab Main Har Mausam Mein Khud Ko Dhaal Leta Hoon, 

Chhotoo Hoon… Par Ab Main Bado Ka Pet Paal Leta Hoon.



न जाने वो किस खिलौने से खेलता है,

गरीब का बच्चा जो पूरे दिन मेले में गुब्बारें बेचता है। 


Na Jaane Vo Kis Khilaune Se Khelata Hai, 

Gareeb Ka Bachcha Jo Poore Din Mele Mein Gubbaaren Bechata Hai.



भूखे की थाली में भी अनाज होना चाहिए,

साहब !!! गरीबों के लिए भी जिहाद होना चाहिए। 


Bhookhe Kee Thaalee Mein Bhee Anaaj Hona Chaahie, 

Saahab !!! Gareebon Ke Lie Bhee Jihaad Hona Chaahie.


गरीबी पर शायरी मराठी


अमीरी ने सिखाया जीना दौलत तोल के,

मुफलिसी ने सिखाया जीना मीठा बोल के। 


Ameeree Ne Sikhaaya Jeena Daulat Tol Ke, 

Muphalisee Ne Sikhaaya Jeena Meetha Bol Ke.



मैंने टूट कर रोते देखा नसीब को,

जब मुस्कुराते देखा मासूम गरीब को। 


Mainne Toot Kar Rote Dekha Naseeb Ko, 

Jab Muskuraate Dekha Maasoom Gareeb Ko.


उस गरीब ने अपने फटे कपड़े को पूरे ढंग से सिला,

पर वो अपनी फटी किस्मत को न सिल सका। 


Us Gareeb Ne Apane Phate Kapade Ko Poore Dhang Se Sila, 

Par Vo Apanee Phatee Kismat Ko Na Sil Saka.


गरीब सुविचार


गरीबो को गले लगाता कौन है,

उनके दर्द में आँसू बहाता कौन है ,

उनकी मौत पर सियासत छिड़ जाती है,

उनके जीते जी इज्जत दिलाता कौन है। 


Gareebo Ko Gale Lagaata Kaun Hai, 

Unake Dard Mein Aansoo Bahaata Kaun Hai , 

Unakee Maut Par Siyaasat Chhid Jaatee Hai, 

Unake Jeete Jee Ijjat Dilaata Kaun Hai.



दिमागी रूप से जो गरीब हो जाते है,

वही गरीबों का मजाक उड़ाते है। 


Dimaagee Roop Se Jo Gareeb Ho Jaate Hai, 

Vahee Gareebon Ka Majaak Udaate Hai.



मेरी गरीबी का मजाक कब तक बनाओगे,

अपनी नाकमयाबी को कब तक छुपाओगे। 


Meree Gareebee Ka Majaak Kab Tak Banaoge, 

Apanee Naakamayaabee Ko Kab Tak Chhupaoge.



उसकी गरीबी और भूख का कोई अंदाजा तो लगाएं,

उसकी पीठ आतों से जाकर सटी हुई है। 


Usakee Gareebee Aur Bhookh Ka Koee Andaaja To Lagaen, 

Usakee Peeth Aaton Se Jaakar Satee Huee Hai.

Garib Love Shayari In Hindi


मैं क्या महोब्बत करूं किसी से,

मैं तो गरीब हूँ। 

लोग अक्सर बिकते हैं,

और खरीदना मेरे बस में नहीं। 


Main Kya Mahobbat Karoon Kisee Se, 

Main To Gareeb Hoon. 

Log Aksar Bikate Hain, 

Aur Khareedana Mere Bas Mein Nahin।



उसने यह सोच कर अलविदा कह दिया।

गरीब लोग हैं मुहब्बत के सिवा क्या देंगे।


Usane Yah Soch Kar Alavida Kah Diya. 

Gareeb Log Hain Muhabbat Ke Siva Kya Denge.




इसे नसीहत कहूँ या जुबानी चोट साहब ,

एक शख्स कह गया गरीब मोहब्बत नहीं करते। 


Ise Naseehat Kahoon Ya Jubaanee Chot Saahab , 

Ek Shakhs Kah Gaya Gareeb Mohabbat Nahin Karate.



हम गरीब लोग है किसी को मोहब्बत के सिवा क्या देंगे ,

एक मुस्कराहट थी,

वह भी बेवफ़ा लोगो ने छीन ली। 


Ham Gareeb Log Hai Kisee Ko Mohabbat Ke Siva Kya Denge , 

Ek Muskaraahat Thee, 

Vah Bhee Bevafa Logo Ne Chheen Lee.


Garib Ka Pyar Shayari In Hindi


मोहब्बत भी सरकारी नौकरी लगती हैं साहब,

किसी गरीब को मिलती ही नहीं। 


Mohabbat Bhee Sarakaaree Naukaree Lagatee Hain Saahab, 

Kisee Gareeb Ko Milatee Hee Nahin।



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